नई पहल / 782 बच्चों के बनाए 10 वाट्सएप ग्रुप, इसी पर टीचर ले रहे ई-क्लास

लॉकडाउन के बीच बच्चों से जुड़े रहने और उन्हें पढ़ाई से जोड़े रखने कुम्हाररास डीएवी स्कूल के प्राचार्य ने एक नया तरीका निकाला है। यहां के टीचर्स ने कक्षा 3 से 12वीं तक के बच्चों के 10 अलग- अलग व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया है। इन ग्रुप में कक्षावार 782 बच्चों को जोड़ा है। इसके जरिये एक अप्रैल से बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत भी कर दी गई है। इस तैयारी के लिए करीब हफ्तेभर का समय लग गया। 



हफ्तेभर में प्राचार्य असित बोस के साथ मिलकर टीचर्स ने तैयारी की, बच्चों के परिजनों का मोबाइल नंबर जुगाड़ा और फिर कक्षावार ग्रुप तैयार किया। यह जिले की पहली स्कूल है, जहां के टीचर्स ने डीएवी प्रखंड डीके सहायक क्षेत्रीय अधिकारी सुनील कुमार, प्रशांत कुमार के सुझाव पर लॉकडाउन के बीच भी बच्चों को पढ़ाई व खुद से जोड़े रखने ई क्लासेस का प्रयास कर रहे हैं। सभी ग्रुप्स में प्राचार्य असित बोस खुद जुड़े रहकर मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। इस पहल की परिजन भी तारीफ कर रहे हैं। अच्छी बात ये है कि बच्चों ने भी टीचर्स के बनाए वीडियो लेसन देखकर पढ़ाई की शुरुआत भी कर दी है। गीदम की स्नेहा गणेश पिल्ले ने बताया कि बेटा 11 वी में पढ़ाई कर रहा है। लॉकडाउन के बाद बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता, स्कूल, कोचिंग सबसे दूर हैं। टीचर्स की इस पहल से बच्चे एक बार फिर पढ़ाई से जुड़ेंगे।


इस तरह करा रहे पढ़ाई असाइनमेंट भी दे रहे


बच्चों की पढ़ाई के लिए विषय शिक्षक वीडियो लेसन तैयार कर रहे हैं। इस वीडियो को संबंधित  कक्षा के क्लास टीचर के पास सब्जेक्ट टीचर्स व्हाट्सएप के ज़रिए भेज रहे हैं। इन वीडियो को क्लास टीचर बच्चों के व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर रहे हैं। बच्चों से कहा जा रहा है कि वे इसे देखें। असाइनमेंट तैयार कर टीचर्स के पास वापस भेजें। 


दंतेवाड़ा के 40,000 बच्चों को जनरल प्रमोशन
इधर  प्रदेश सरकार ने पहली से 9वी व 11वी कक्षाओं के बच्चों को जनरल प्रमोशन दिए जाने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद दंतेवाड़ा जिले की स्कूलों में पढ़ने वाले 40000 बच्चों को फायदा मिला है। इनमें पहली से आठवीं तक 37000, 9वीं के 3322 और 11वीं के 2172 बच्चों को जनरल प्रमोशन मिलेगा।


प्राचार्य-शिक्षकों को इस तरह आया यह आइडिया
डीएवी स्कूल के प्राचार्य असित बोस ने बताया कि कोरोना के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए  स्कूल की छुट्टी कर दी गई है। घर पर बच्चे समय यूं ही गंवा रहे हैं। लंबे वक्त तक पढ़ाई से दूर रहने के बाद समस्या आती है। बच्चे पढ़ाई से दूर न हों घर पर कम से कम एक घंटा ही ई क्लासेस के ज़रिए पढ़ लें, बच्चे पढ़ाई से जुड़ें रहें। इसलिए हमने यह शुरुआत की है और जब स्कूलें खुलें तो हम पढ़ाई में लक्ष्य से भी आगे निकल गए तो यह बड़ी उपलब्धि होगी।


ग्रुप में जो नहीं जुड़ पाए उनके लिए भी निकाला तरीका
10 व्हाट्सएप ग्रुप में 782बच्चों को जोड़ा गया है। लेकिन अभी कुछ ही बच्चे ऐसे हैं। जो जिले के दूरस्थ गांवों में रहते हैं, जहां नेटवर्क की समस्या है। उनके लिए भी तरीका है कि आसपास के बच्चों की मदद से उन्हें भी यह दिखाया जाएगा।



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